Song Of The Dead

I was burning Like cigarette whole Life
Not Blown By Even Storms Whole Life
All Smoke Flew By Just a Puff
That Bond Of Breath
That Ache Of The Sore Throat
That Anxiety Of The Chest
The Restlessness, The Illness Is Gone
Come On
Let’s Sleep
Come On
Life is Gone, World Is Gone
Let’s Sleep
Life Is Tired Let’s Sleep
Niether Day Nor Night
Darkness and More Darkness
It’s The Home of Souls
Let’s Sleep


I Was air , I Become Air
I Was Soil,I Become Soil
The Rest Hurted
I Was There,I am Not There
I Was , I am Not
Rest Is God
All Of This Was Because His Grace
Too Much Work Was Left To Do On Land
I Wrote It Therefore On The Moon
Let That Go, Which Is already Gone
Gone Is Gone
Don’t stay Here Without Any Reason
Let’s Go
Take Rest Take Grave
Back To Home
Come On Life Is Gone
Tired Of Life
Let’s Sleep

47 thoughts on “Song Of The Dead

  1. Ohh!! You made the eternal sleep sound so peaceful !!
    And I read the first three lines thrice😂🙈!Still , I want to ask the meaning behind them.😃

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  2. Why do you think so about life?आपकी बात पे एक शेर याद आया-“घबरा के वो कहते हैं कि मर जायेंगे,मरकर भी चैन ना मिला तो किधर जायेंगे…..

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  3. मेरे लिए मृत्यु एक सुकून का नाम है। एक गहरी शांति। थक चुके जर्जर जीवन को आराम देने वाली। इसलिए मृत्यु से भय नहीं खाता बल्कि उसके स्वागत को तत्पर। पीछे जो छूट जाएगा वो पता भी नहीं रहेगा। मिट्टी मिट्टी हो जायेगी बस। पत्थर के मकां यहीं रह जाएंगे, मैं मिट्टी था, मिट्टी हो जाऊंगा। ये कोई दुखवादी विचारधारा नहीं है मेरी पर यथार्थ ज़रूर है। 🙏🙏

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  4. जी वाकई यथार्थ है पर जिस म़कसद से खुदा ने धरती पर भेजा है,वह तो पूरा करना पड़ेगा।

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  5. Thank You Very Much For Such an Encouraging Appreciation 🤗🙏. Thank You Very Much from the deepest Core of My Heart 💓. It Means a Lot to Me 🤗🙏🙏🙏

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  6. मेरे ख़्याल से किसी भी मकसद से किसी ने नहीं भेजा है हमें।🙏

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  7. आप गलतफहमी में हैं।हर जिन्दगी का म़कसद जन्म से पहले ही तय हो जाता है।

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  8. ऐसा नहीं है। कोई भी ये तय नहीं करता है। ये मनुष्यता का स्वयं को विशेष मानने का एक तरीका है बस। इस इतने बड़े ब्रह्मांड में हमारा अस्तित्व शून्य से थोड़ा ही ज़्यादा है बस।

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  9. हमारा तो कोई अस्तित्व नहीं।मिट्टी ,हवा,अग्नि,प्रकाश,जल से बना है।मॄत्यू के बाद इन्ही में विलीन होना है।शरीर की आत्मा परमात्मा में विलीन हो जाती है।अहं ब्रह्मास्मिः जब ईश्वर का एक अंश हमारे अन्दर मौजूद है तो हर शरीर के जन्म का भी महत्व है।परमात्मा हमें केवल सैर करने के धरती पर नहीं भेजता।आप खुद नोट करो कि कितनों को आपकी जरूरत है।

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  10. परमात्मा क्यों दुखों में डालता है ? वो चाहता क्या है ? वास्तव में परमात्मा कभी किसी को उद्यत नहीं करता।

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  11. इस के जवाबों के लिये आपको दर्शनशास्त्र पढ़ना पड़ेगा।मेरे ख्याल से आप बौद्ध दर्शन पढ़ ले।आपके सभी प्रश्नों के उत्तर मिल जायेंगे।

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